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मंगलवार, 4 फ़रवरी 2014

अगर गौरैया गायब हुई तो हम भी नही बचेंगे ..!!

नमस्कार मित्रो ,
सबसे पहले हर्षवर्धन जी को मेरा शुक्रिया इस ब्लॉग में लेखक के रूप में शामिल करने के लिए . हर्षवर्धन जी की गोरैया के लिए ब्लॉग बनाकर चलाई गयी मुहिम स्वागत योग्य है . मैंने इससे पहले अपने ब्लॉग
 मुकेश पाण्डेय चन्दन में पक्षी श्रृंखला    
में भी गौरैया सहित कई भारतीय पक्षियों के बारे में लिखा है . आप ऊपर दी गयी लिंक में पढ़ सकते है .
भारतीय पारिस्थितिकी के लिए गौरैया बहुत ही महत्वपूर्ण कड़ी है . 
दोस्तों , पहले हमारे हर घर घर में आसानी से फुदकती गौरैया अब मुश्किल से दिखती है । गौरैया का गायब होना एक साथ बहुत से प्रश्न खड़े करता है ।
जैसे - क्यो गौरैया ख़त्म हो रही है ?
आज हम मनुष्यो पर निर्भर इस चिडिया के आवास क्यो ख़त्म हो गए है ?
गौरैया अगर ख़त्म हो गई तो समझो हम बहुत बड़े धर्म संकट में पड़ जायेंगे ! क्योंकि हमारे धर्म गर्न्ठो के अनुसार पीपल और बरगद जैसे पेड़ देवता तुल्य है। हमारे पर्यावरण में भी इनकी महत्वपूर्ण भूमिका है । पीपल और बरगद ऐसे वृक्ष  है जो कभी सीधे अपने बीजो से नही लगते , इनके बीजो को जब गौरैया खाती है और बीज जब तक उसके पाचन तंत्र से होकर नही गुजरते तब तक उनका अंकुरण नही होता है । इसीलिए अपने देखा होगा की ये ब्रक्ष अधिकांशतः मंदिरों और खंडहरों के नजदीक अधिक उगते है , क्योंकि इनके आस-पास गौरैया का जमावडा होता है । मेरी ये बात निराधार नही है । मोरिशस और मेडागास्कर में पाया जाने वाला एक पेड़ सी० मेजर लुप्त होने कगार पर है , क्योंकि उसे खाकर अपने पाचन तंत्र से गुजरने वाला पक्षी दोदो अब विलुप्त हो चुका है यही हाल हमारे यंहा गौरैया और पीपल का हो सकता है । अगर हम न चेते तो ........? अतः आप सभी से निवेदन है की आप स्वयं और अपने जन पहचान के लोगो को इस बारे में बताये और हमारी संस्कृति और पर्यावरण को एक संकट से बचने में सहयोग करे । मुझे आपकी प्रतिक्रिया का इंतजार रहेगा ।

आपका अपना- मुकेश पाण्डेय "चंदन"

 

सोमवार, 3 फ़रवरी 2014

गौरैया के नाम


वैसे हमारे देश भारत में गौरैया को कई नामों से पुकारा जाता है। जैसे गौरा और चटक।  लेकिन क्या आप जानते हैं कि हमारी इस घरेलू पक्षी (गौरैया) के और क्या - क्या नाम हैं ? उर्दू में गौरैया को चिड़िया तथा सिंधी भाषा में झिरकी भी कहा जाता है। गौरैया को भोजपुरी में चिरई तथा बुन्देली में चिरैया कहते हैं। इसे भारत के कई राज्यों में भिन्न - भिन्न नामों से पुकारा जाता है जैसे ,,,,,


जम्मू और कश्मीर - चेर 
पंजाब - चिड़ी
पश्चिम बंगाल - चरूई
ओडिशा (उड़ीसा) -  घरचटिया
गुजरात - चकली 
महाराष्ट्र - चिमानी
कर्नाटक - गुब्बाच्ची
आन्ध्र प्रदेश - पिच्चूका
केरल, तमिलनाडु - कूरूवी

   
यहाँ आने के लिए आप सबका सादर धन्यवाद।। 

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