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मंगलवार, 30 जून 2015

पिता के गुण दर्शाने के लिए गीत गाते है नर बुलबुल

पक्षियों के कूकने, चहकने व गीत गाने के पीछे भले ही जो कारण होता हो लेकिन एक नए शोध के अनुसार नर बुलबुल खुद में बेहतर पिता के गुण को दर्शाने के लिए गीत गाता है। जर्मनी के फ्रेई यूनिवर्सिटी की ओर से किए अध्ययन में पाया गया कि बुलबुल में बेहतर गायक अपने बच्चों का बेहतर तरीके से पालन पोषण करेगा।
नर बुलबुल अपनी गायन क्षमता को साथी मादा को दिखाने के लिए अपने गीतों को ज्यादा व्यवस्थित तरीके से बार-बार दोहराता है। नर बुलबुल 180 अलग-अलग प्रकार के गीत गा सकता है। सभी पक्षियों की करीब 80 फीसदी प्रजातियों में नर अपने बच्चों के पालन पोषण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। नर बुलबुल प्रजनन पूर्व अंडों की देखभाल के साथ मादा को खाना खिलाने, बच्चों को भोजन उपलब्ध कराने के साथ ही हिंसक जानवरों से घोंसले की रक्षा करता है। इसलिए अपने साथी का चुनाव करते समय मादा बुलबुल के लिए नर बुलबुल में मौजूद पिता संबंधी गुण काफी अहम हो जाता है।

6 टिप्‍पणियां:

  1. ब्लॉग बुलेटिन की आज की बुलेटिन, मुसकुराते रहिए और स्वस्थ रहिए - ब्लॉग बुलेटिन , मे आपकी पोस्ट को भी शामिल किया गया है ... सादर आभार !

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  2. नर बुलबुल के गीत गाने के बारे में नहीं लेकिन हमारे घर में तो पंखे में, ट्यूबलाइट के ऊपर और बग़ीचे में नर मादा को एक साथ घोंसले बनाने से लेकर अण्डों और बच्चों की देखभाल करते देखती रहती हूँ सच में गजब का आपसी सामंजस्य दीखता है दोनों में। . अण्डों को सेंकने पर मादा को दिनभर घोंसले में बैठे देखा है। बहुत कुछ याद आ रहा है। . एक बार पहले ब्लॉग पर लिखा था फिर कभी लिखूंगी
    बहुत रोचक जानकारी के लिए धन्यवाद

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    1. सुंदर जानकारी अाप की तरफ से भी

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