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बुधवार, 8 जुलाई 2015

आईबीसीएन तैयार करेगी केरल राज्य के पक्षियों का एटलस

चित्र साभार :- IBCN की फेसबुक वॉल से
इंडियन बर्ड कंजर्वेशन नेटवर्क ( आईबीसीएन ) ने केरल के पक्षियों का वर्गीकरण कर उसका एटलस तैयार करने का निर्णय लिया है। यह किसी भी भारतीय राज्य का पहला बर्ड एटलस होगा। बर्ड एटलस क्षेत्र विशेष में मौजूद पक्षियों की जानकारी देता, साथ ही, यह उस क्षेत्र में पक्षियों के आवागमन और उनकी उपस्थिति का सही रुझान भी बताता है। जैसा कि नाम से स्पष्ट है, आईबीसीएन पक्षी प्रेमियों और प्रकृति तथा पक्षियों के संरक्षण की दिशा में काम करने वाले कई गैरसरकारी संगठनों का एक नेटवर्क है।

यह बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसाइटी ( बीएनएचइस ) का हिस्सा है। वर्ष 1998 में बीएनएचएस ने बर्ड लाइफ इंटरनेशनल और आरएसपीबी ( ब्रिटेन की बर्ड लाइफ ) के सहयोग से आईबीसीएन की स्थापना की थी। इंडियन बर्ड कंजर्वेशन नेटवर्क की गिनती अब देश के बड़े नेटवर्कों में होती है। इसके 700 व्यक्तिगत सदस्य हैं, जबकि 80 सांस्थानिक। यह 2,000 से अधिक पक्षी प्रेमियों को जोड़ने में सफल रहा है।

मंगलवार, 30 जून 2015

पिता के गुण दर्शाने के लिए गीत गाते है नर बुलबुल

पक्षियों के कूकने, चहकने व गीत गाने के पीछे भले ही जो कारण होता हो लेकिन एक नए शोध के अनुसार नर बुलबुल खुद में बेहतर पिता के गुण को दर्शाने के लिए गीत गाता है। जर्मनी के फ्रेई यूनिवर्सिटी की ओर से किए अध्ययन में पाया गया कि बुलबुल में बेहतर गायक अपने बच्चों का बेहतर तरीके से पालन पोषण करेगा।
नर बुलबुल अपनी गायन क्षमता को साथी मादा को दिखाने के लिए अपने गीतों को ज्यादा व्यवस्थित तरीके से बार-बार दोहराता है। नर बुलबुल 180 अलग-अलग प्रकार के गीत गा सकता है। सभी पक्षियों की करीब 80 फीसदी प्रजातियों में नर अपने बच्चों के पालन पोषण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। नर बुलबुल प्रजनन पूर्व अंडों की देखभाल के साथ मादा को खाना खिलाने, बच्चों को भोजन उपलब्ध कराने के साथ ही हिंसक जानवरों से घोंसले की रक्षा करता है। इसलिए अपने साथी का चुनाव करते समय मादा बुलबुल के लिए नर बुलबुल में मौजूद पिता संबंधी गुण काफी अहम हो जाता है।

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